जीवन का सुख कैसे प्राप्त करे
बुद्ध के पंचशील सिद्धांत , सदाचार और नैतिक सदगुण …. हम अपना जीवन कैसे निर्वाह करते हैं यह हमारे जीवन के प्रति होश रखने पर निर्भर करता है । अगर हमारी इच्छायें हमारे दैनिक कार्यों के बीच मे आती है और व्याधान उत्पन्न करती हैं तो जाहिर है इसका फ़ल हमारे जीबन के ऊपर भी पडता है और हमे पूर्ण रुप से व्यवस्थित नही हो पाते हैं । बुद्ध द्वारा प्रदान किये गये पंचशील सिद्दांत जीवन के प्रति सहज दृष्टिकोण का परिचय देते हैं और फ़िर इससे क्या फ़र्क पडता है कि हम किस मार्ग या धर्म के अनुयायी है । यह पंचशील सिद्दांत क्या गलत है या क्या सही है की परिभाषा तय नही करते बल्कि यह हमेसिखाते हैं कि अगर हम होश रखें और जीवन को गौर से देखें तो हमारे कुछ कर्म हमको या दूसरों को दु:ख पहुंचाते हैं और कुछ हमे प्रसन्नता का अनुभव भी कराते हैं । बुद्ध के पाँच उपदेश हैं : प्राणीमात्र की हिंसा से विरत रहना । चोरी करने या जो दिया नही गया है उसको लेने से विरत रहना । लैंगिक दुराचार या व्यभिचार से विरत रहना । असत्य बोलने से विरत रहना । मादक पदार्थॊं से विरत रहना । बुद्ध के यह पाँच उपदेशों को हम व्यव...